मोदी के सवाल पर सोनिया ने कहा- 2004 न भूलें, वाजपेयी जी भी अजेय थे, लेकिन हम जीते
रायबरेली. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रायबरेली से चौथी बार पर्चा दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने रोड शो किया, इस दौरान राहुल-प्रियंका साथ में थे। पर्चा दाखिल करने के बाद सोनिया से सवाल किया गया कि क्या आप नरेंद्र मोदी को अजेय समझती हैं, इस पर उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि 2004 ना भूलें। तब वाजपेयी जी भी अजेय थे, लेकिन हम जीते। सोनिया इस सीट पर 2004 से प्रतिनिधित्व करती आ रहीं हैं। इस बार उनका मुकाबला कभी कांग्रेस में रहे दिनेश प्रताप सिंह से है। दिनेश को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है।
सोनिया ने पर्चा दाखिल करने से पहले हवन किया। 1967 से ही गांधी परिवार पूजा-पाठ करके ही कलेक्ट्रेट में नामांकन के लिए पहुंचता है। सोनिया भी उसी परंपरा का पालन करती आई हैं।
सपा-बसपा गठबंधन ने नहीं उतारा उम्मीदवार
रायबरेली सीट पर सपा-बसपा गठबंधन ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। इस सीट पर 5वें चरण में 6 मई को मतदान होगा। सोनिया ने साल 2004, 2006 के उपचुनाव, 2009 और 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की। साल 1957 के बाद कांग्रेस ने इस सीट पर उपचुनाव सहित 19 बार जीत दर्ज की है।
इस सीट से तीन बार हारा गांधी परिवार का उम्मीदवार
इस सीट से कांग्रेस को 1977, 1996 और 1998 में हार का सामना करना पड़ा। आपातकाल के बाद 1977 में भारतीय लोक दल के राज नारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को हराया था। 1996 एवं 1998 में भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह ने इस सीट पर जीत दर्ज की। यहां से फिरोज गांधी, इंदिरा गांधी, अरुण नेहरू, शीला कौल और सतीश शर्मा चुनाव लड़ चुके हैं।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने गृहमंत्री को लिखा, ''हरे रंग की लेजर लाइट से राहुल गांधी के सिर को निशाना बनाते हुए सात बार टारगेट किया गया। यह लाइट स्नाइपर गन से निकलने वाली लेजर की तरह ही प्रतीत हो रही थी। यह अलार्म है, जो हमें संभलने की चेतावनी दे रहा है।''
पत्र में राजीव और इंदिरा गांधी का भी जिक्र
कांग्रेस ने पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और इंदिरा गांधी (राहुल गांधी के पिता और दादी) की हत्या का जिक्र किया है। वायनाड सीट के बाद राहुल ने बुधवार को अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से भी पर्चा भर दिया है। इससे पहले राहुल ने बहन प्रियंका गांधी वाड्रा, बहनोई रॉबर्ट वाड्रा और उनके दोनों बच्चों के साथ रोड शो किया।
राहुल की सुरक्षा को लेकर यूपी प्रशासन की बड़ी चूक
कांग्रेस ने इस घटना को उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से एक बड़ी चूक बताया है। पार्टी ने केंद्र सरकार से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। गृह मंत्रालय को लिखे पत्र पर कांग्रेसी नेता अहमद पटेल, जयराम रमेश और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने साइन किए हैं। पत्र में सरकार से कहा गया है कि किसी भी राजनीतिक मतभेद के बावजूद राहुल गांधी की सुरक्षा आपकी सरकार और मंत्रालय की पहली जिम्मेदारी है।
सोनिया ने पर्चा दाखिल करने से पहले हवन किया। 1967 से ही गांधी परिवार पूजा-पाठ करके ही कलेक्ट्रेट में नामांकन के लिए पहुंचता है। सोनिया भी उसी परंपरा का पालन करती आई हैं।
सपा-बसपा गठबंधन ने नहीं उतारा उम्मीदवार
रायबरेली सीट पर सपा-बसपा गठबंधन ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। इस सीट पर 5वें चरण में 6 मई को मतदान होगा। सोनिया ने साल 2004, 2006 के उपचुनाव, 2009 और 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की। साल 1957 के बाद कांग्रेस ने इस सीट पर उपचुनाव सहित 19 बार जीत दर्ज की है।
इस सीट से तीन बार हारा गांधी परिवार का उम्मीदवार
इस सीट से कांग्रेस को 1977, 1996 और 1998 में हार का सामना करना पड़ा। आपातकाल के बाद 1977 में भारतीय लोक दल के राज नारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को हराया था। 1996 एवं 1998 में भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह ने इस सीट पर जीत दर्ज की। यहां से फिरोज गांधी, इंदिरा गांधी, अरुण नेहरू, शीला कौल और सतीश शर्मा चुनाव लड़ चुके हैं।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने गृहमंत्री को लिखा, ''हरे रंग की लेजर लाइट से राहुल गांधी के सिर को निशाना बनाते हुए सात बार टारगेट किया गया। यह लाइट स्नाइपर गन से निकलने वाली लेजर की तरह ही प्रतीत हो रही थी। यह अलार्म है, जो हमें संभलने की चेतावनी दे रहा है।''
पत्र में राजीव और इंदिरा गांधी का भी जिक्र
कांग्रेस ने पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और इंदिरा गांधी (राहुल गांधी के पिता और दादी) की हत्या का जिक्र किया है। वायनाड सीट के बाद राहुल ने बुधवार को अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से भी पर्चा भर दिया है। इससे पहले राहुल ने बहन प्रियंका गांधी वाड्रा, बहनोई रॉबर्ट वाड्रा और उनके दोनों बच्चों के साथ रोड शो किया।
राहुल की सुरक्षा को लेकर यूपी प्रशासन की बड़ी चूक
कांग्रेस ने इस घटना को उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से एक बड़ी चूक बताया है। पार्टी ने केंद्र सरकार से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। गृह मंत्रालय को लिखे पत्र पर कांग्रेसी नेता अहमद पटेल, जयराम रमेश और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने साइन किए हैं। पत्र में सरकार से कहा गया है कि किसी भी राजनीतिक मतभेद के बावजूद राहुल गांधी की सुरक्षा आपकी सरकार और मंत्रालय की पहली जिम्मेदारी है।
Comments
Post a Comment