मिट्टी या चांदी के बर्तन में रखें खीर, जानिए किन बातों का रखें ध्यान
शरद पूर्णिमा यानी हिन्दू कैलेंडर के अनुसार शरद ऋतु की पूर्णिमा बहुत ही खास होती है। इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस रात चंद्रमा अपने चरम पर रहता है यानी अपनी 16 कलाओं से युक्त होता है। चंद्रमा की इन कलाओं के नाम अमृत, मनदा, पुष्प, पुष्टि, तुष्टि, ध्रुति, शाशनी, चंद्रिका, कांति, ज्योत्सना , श्री, प्रीति, अंगदा, पूर्ण, पूर्णामृत और अमा है। जिस व्यक्ति पर इन 16 कलाओं को पूरा प्रभाव होता है वो पूर्ण हो जाता है। यानि उस व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और हर तरह का सुख मिल जाता है। चंद्रमा से मिलने वाले सुखों को प्राप्त करने के लिए खीर बनाकर रात में छत पर या खुले स्थान पर चंद्रमा की चांदनी में रखते हैं ताकि खीर में सभी कलाओं का प्रभाव रहे। उसके बाद सुबह जल्दी उस खीर को खाया जाता है। शरद पूर्णिमा पर इन बातों का ध्यान रखें इस दिन पूरी तरह उपवास रखने की कोशिश करें। उपवास या व्रत नहीं रख पाएं तो सात्विक भोजन ही करें । यानि मिर्च-मसाला, लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब से पूरी तरह दूर ही रहें। शरीर शुद्ध रहेगा तो आपको अमृत तत्व की प्राप्ति हो पाएगी। इस दिन काले रंग का प्रयोग...