महिला ने एटीएम के बाहर ठग पर 17 दिन रखी नजर, खुद पकड़कर पुलिस को सौंपा
यहां एटीएम में ठगी का शिकार हुई महिला ने अपनी हिम्मत और सूझबूझ से खुद आरोपी को पकड़ा। इसके लिए वह 17 दिन तक रोजाना एटीएम गई और ताकि आरोपी पर नजर रख सके। इसी दौरान 4 जनवरी को उन्हें जालसाज को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाबी मिली।
18 दिसंबर को एटीएम गई थी महिला
पुलिस के मुताबिक, रेहाना शेख 18 दिसंबर को पाली हिल्स स्थित ऑफिस जा रही थीं। वह पैसे निकालने के लिए बांद्रा स्टेशन पर एटीएम में गईं। कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण पैसे नहीं निकले।
इसी दौरान जालसाज भूपेंद्र मिश्रा मदद के लिए आगे आया और महिला के डेबिट कार्ड की सारी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद रेहाना ऑफिस चली गईं, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें 10 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज मिला।
ठगी के बाद रेहना एटीएम पहुंचीं, लेकिन तब तक आरोप भूपेंद्र वहां से जा चुका था। इसके बाद उन्होंने ऑफिस आते-जाते वक्त 17 दिन आरोपी के एटीएम आने का इंतजार किया।
बीते शुक्रवार को रेहाना स्टेशन पर खड़ी थीं। इसी दौरान उन्हें एटीएम के बाहर आरोपी खड़ा दिखा। रेहाना ने हिम्मत दिखाते हुए लोगों की मदद से भूपेंद्र को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भूपेंद्र आदतन अपराधी है और मुंबई के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ सात मामले दर्ज हैं। पिछले साल जनवरी में ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था।
दूसरी ओर, भारत की पिंकी जांगड़ा 51 किलोग्राम भार वर्ग और मनीषा मउन 51 किलोग्राम भार वर्ग में आठवें स्थान पर पहुंच गईं। वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रजत पदक जीत चुकीं सोनिया लाठेर 57 किलोग्राम भार वर्ग में दूसरे स्थान पर कायम हैं।
बैठक के बाद ट्रम्प ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट किया- मैंने उन लोगों को बाय-बाय कह दिया। उनसे कहा कि कुछ और काम नहीं करेगा।
अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसद चक शूमेर ने कहा- ट्रम्प ने बैठक के दौरान एक तरह से मेज पर हाथ पटका। इसके बाद वे खड़े हुए और बैठक से बाहर निकल गए।
शूमेर ने कहा- हमें एक बार फिर ट्रम्प का झल्लाहट भरा और चिड़चिड़ा मिजाज देखने को मिला, क्योंकि उन्हें कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा है।
बैठक में मौजूद ट्रम्प समर्थकों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट सांसदों से कहा कि वे इस प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए राजी हों ताकि हम कष्टकारी शटडाउन को खत्म करें।
रिपब्लिकन सांसद केविन मैककार्थी ने बताया कि रिपब्लिकन नेता बातचीत के लिए भी राजी नहीं हैं। उनकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने ट्रम्प के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
दबाव बनाने के लिए ट्रम्प ने साइन नहीं किए स्पेंडिंग बिल
ट्रम्प ने इस दीवार का प्रस्ताव इसलिए रखा है ताकि वे अमेरिका में खतरनाक घुसपैठियों, ड्रग डीलर और मानव तस्करों को आने से रोक सकें। उधर, डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है कि बॉर्डर की वास्तविक समस्याओं पर यह दीवार कुछ ज्यादा प्रभाव नहीं डाल पाएगी। अमेरिकी संसद पर दबाव डालने के लिए ट्रम्प ने स्पेंडिंग बिल पर साइन करने से इनकार कर दिया। इसकी वजह से अमेरिकी सरकार के 80 हजार कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर्स पिछले तीन हफ्तों से बिना वेतन के हैं।
18 दिसंबर को एटीएम गई थी महिला
पुलिस के मुताबिक, रेहाना शेख 18 दिसंबर को पाली हिल्स स्थित ऑफिस जा रही थीं। वह पैसे निकालने के लिए बांद्रा स्टेशन पर एटीएम में गईं। कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण पैसे नहीं निकले।
इसी दौरान जालसाज भूपेंद्र मिश्रा मदद के लिए आगे आया और महिला के डेबिट कार्ड की सारी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद रेहाना ऑफिस चली गईं, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें 10 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज मिला।
ठगी के बाद रेहना एटीएम पहुंचीं, लेकिन तब तक आरोप भूपेंद्र वहां से जा चुका था। इसके बाद उन्होंने ऑफिस आते-जाते वक्त 17 दिन आरोपी के एटीएम आने का इंतजार किया।
बीते शुक्रवार को रेहाना स्टेशन पर खड़ी थीं। इसी दौरान उन्हें एटीएम के बाहर आरोपी खड़ा दिखा। रेहाना ने हिम्मत दिखाते हुए लोगों की मदद से भूपेंद्र को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भूपेंद्र आदतन अपराधी है और मुंबई के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ सात मामले दर्ज हैं। पिछले साल जनवरी में ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था।
दूसरी ओर, भारत की पिंकी जांगड़ा 51 किलोग्राम भार वर्ग और मनीषा मउन 51 किलोग्राम भार वर्ग में आठवें स्थान पर पहुंच गईं। वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रजत पदक जीत चुकीं सोनिया लाठेर 57 किलोग्राम भार वर्ग में दूसरे स्थान पर कायम हैं।
बैठक के बाद ट्रम्प ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट किया- मैंने उन लोगों को बाय-बाय कह दिया। उनसे कहा कि कुछ और काम नहीं करेगा।
अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसद चक शूमेर ने कहा- ट्रम्प ने बैठक के दौरान एक तरह से मेज पर हाथ पटका। इसके बाद वे खड़े हुए और बैठक से बाहर निकल गए।
शूमेर ने कहा- हमें एक बार फिर ट्रम्प का झल्लाहट भरा और चिड़चिड़ा मिजाज देखने को मिला, क्योंकि उन्हें कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा है।
बैठक में मौजूद ट्रम्प समर्थकों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट सांसदों से कहा कि वे इस प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए राजी हों ताकि हम कष्टकारी शटडाउन को खत्म करें।
रिपब्लिकन सांसद केविन मैककार्थी ने बताया कि रिपब्लिकन नेता बातचीत के लिए भी राजी नहीं हैं। उनकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने ट्रम्प के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
दबाव बनाने के लिए ट्रम्प ने साइन नहीं किए स्पेंडिंग बिल
ट्रम्प ने इस दीवार का प्रस्ताव इसलिए रखा है ताकि वे अमेरिका में खतरनाक घुसपैठियों, ड्रग डीलर और मानव तस्करों को आने से रोक सकें। उधर, डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है कि बॉर्डर की वास्तविक समस्याओं पर यह दीवार कुछ ज्यादा प्रभाव नहीं डाल पाएगी। अमेरिकी संसद पर दबाव डालने के लिए ट्रम्प ने स्पेंडिंग बिल पर साइन करने से इनकार कर दिया। इसकी वजह से अमेरिकी सरकार के 80 हजार कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर्स पिछले तीन हफ्तों से बिना वेतन के हैं।
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